लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने गुरुवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट पेश किया। इस बार यूपी का बजट 8,08,736.06 करोड़ रुपये का है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री ने बजट को ‘जन हित’ वाला बताते हुए कहा कि इसमें समाज के हर वर्ग की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। बजट पेश करने से पहले उन्होंने अपने आवास पर पूजा-अर्चना की और सदन में रामचरितमानस की चौपाई पढ़ते हुए बजट भाषण की शुरुआत की।
वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। इसके लिए कृषि, उद्योग, आईटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, ऊर्जा, पूंजी निवेश आदि दस प्रमुख सेक्टरों को चिन्हित कर कार्ययोजनाएं बनाई गई हैं।
छात्राओं को स्कूटी और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा
बजट में मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की गई है। साथ ही, राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में स्मार्ट क्लासेज और पूरी तरह डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना प्रस्तावित की गई है। सरकार का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।
बजट की प्रमुख घोषणाएं
बजट का कुल आकार: 8.08 लाख करोड़ रुपये, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8% अधिक है।
पूंजीगत व्यय: कुल बजट का 20.5% हिस्सा पूंजीगत व्यय के रूप में आवंटित।
विधानसभा में आधुनिक आईटी सिस्टम: विधानसभा को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान।
“जीरो पॉवर्टी अभियान”: प्रदेश के निर्धनतम परिवारों की वार्षिक आय को कम से कम 1.25 लाख रुपये तक ले जाने का लक्ष्य।
निवेश और कारोबारी माहौल: राज्य को निवेश केंद्र बनाने के लिए नई नीतियां और व्यापार में सुधार।
कृषि, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान
किसानों के लिए राहत:
गन्ना किसानों के भुगतान और सोलर पंप योजना सहित कृषि क्षेत्र के लिए 11% बजट आवंटन।
फसल बीमा योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता।
रोजगार सृजन:
मनरेगा, कौशल विकास मिशन और युवा उद्यमी विकास योजना के लिए विशेष प्रावधान।
सामाजिक सुरक्षा:
पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लिए कुल बजट का 4% आवंटित।
स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता
स्वास्थ्य:
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 6% बजट प्रावधान, जिसमें आयुष्मान भारत योजना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन शामिल।
शिक्षा:
शिक्षा क्षेत्र के लिए 13% बजट, जिसमें स्कूलों में आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लासेस और पॉलिटेक्निकों में डिजिटल लाइब्रेरी जैसी योजनाएं प्रस्तावित।
योगी सरकार का यह बजट जनता के कल्याण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह न केवल आर्थिक विकास को गति देगा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और किसानों के सशक्तिकरण में भी मददगार साबित होगा।




