National Herald Case: 5 दिनों में 54 घंटे पूछताछ के बाद राहुल को कोई नया नोटिस नहीं, कल सोनिया गांधी से पूछताछ

नई दिल्ली.नेशनल हेराल्ड केस (National Herald Case) को लेकर राहुल गांधी की टेंशन फिलहाल कम हुई है। राहुल गांधी से पिछले 5 दिनों में 54 घंटे से अधिक पूछताछ के बावजूद प्रवर्तन निदेशालय(Enforcement Directorate) उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं है। हालांकि राहुल गांधी को हाल-फिलहाल कोई नया नोटिस नहीं दिया गया है। अब इसी मामले में सोनिया गांधी को नोटिस भेजकर 23 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। राहुल गांधी से 21 जून को ED ने करीब 12 घंटे पूछताछ की थी। इससे पहले 20 जून  और 13, 14 और 15 जून को भी वे ED में पेश हुए थे। (राहुल गांधी से पूछताछ के खिलाफ कांग्रेस लगातार प्रदर्शन करती रही)

माना जा रहा है कि फिलहाल पूछताछ पूरी हुई
वायनाड (केरल) के कांग्रेस सांसद ने ED कार्यालय में 5 बैठकों में कुल 54 घंटे बिताए और उनसे कई सेशंस में पूछताछ की गई। राहुल गांधी के प्रीवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत उनका बयान दर्ज किए गए। अब उन्हें कोई नया समन जारी नहीं किया गया है। समझा जाता है कि उनसे हाल-फिलहाल पूछताछ समाप्त हो गई है।

राहुल गांधी अड़े रहे
यह समझा जाता है कि गांधी अपने बयान पर अड़े रहे कि  स्वयं या उनके परिवार द्वारा संपत्ति का कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं लिया। क्योंकि यंग इंडियन एक नॉट प्रॉफिट कंपनी थी और मिजोरिटी शेयर होल्डर होने के बावजूद कंपनी को पुनर्जीवित करने के लिए विभिन्न आर्थिक फैसले लिए गए थे।  समझा जाता है कि पांच दिनों की पूछताछ के दौरान गांधी को कम से कम 20 बड़े सवालों का सामना करना पड़ा। गांधी से पूछताछ करने का कदम तब शुरू हुआ, जब ईडी ने हाल ही में PMLA के आपराधिक प्रावधानों के तहत एक नया मामला दर्ज किया। एक लोअर कोर्ट ने बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा 2013 में दायर एक निजी आपराधिक शिकायत के आधार पर यंग इंडियन के खिलाफ आयकर विभाग की जांच का संज्ञान लिया था।

सोनिया गांधी और राहुल गांधी यंग इंडियन के प्रमोटर्स और मिजोरिटी शेयरहोल्डर्स में से हैं। सोनिया गांधी के पास 38 फीसदी हिस्सेदारी है। स्वामी ने गांधी और अन्य पर धोखाधड़ी और धन का दुरुपयोग करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। 23 जून को सोनिया गांधी को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। उन्हें सोमवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वे कोरोनोवायरस संबंधी प्राब्लम्स के चलते भर्ती थीं। अभी उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी गई है।

यह है नेशनल हेराल्ड केस
प्रिवेंशन आफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट-2002(PMLA) के तहत ईडी ने एक नया मामला दर्ज किया था। 2013 में एक लोअर कोर्ट ने बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आयकर विभाग की जांच पर संज्ञान लिया था। कांग्रेस ने 1938 में एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (AJL) नामक कंपनी बनाई थी। यही कंपनी नेशनल हेराल्ड अखबार पब्लिश करती थी। 26 फरवरी 2011 को AJL पर 90 करोड़ से ज्यादा का कर्ज बताया गया था। इसे ही उतारने यंग इंडिया लिमिटेड नाम से एक नई कंपनी खड़ी की गई। इसमें राहुल और सोनिया की हिस्सेदारी 38-38% बताई जाती है। यंग इंडिया को AJL के 9 करोड़ शेयर दिए थे। जांच में पता चला है कि इसमें पैसों का हेरफेर हुआ। ED इसी मामले की जांच कर रही है। हालांकि कांग्रेस इस पूछताछ का विरोध कर रही है।

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