पटना। बिहार विधान मंडल के शीतकालीन सत्र का आज आखिरी दिन है। हंगामे के बीच चौथे दिन यानी गुरुवार को विधानसभा आरक्षण संरक्षण विधेयक 2023 पास हो गया। भाजपा ने भी अपना समर्थन दिया। आज बिहार विधानसभा सत्र के शुरूआत से पहले ही विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष समेत कई भाजपा नेता भी मौजूद हैं।
नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दलित समाज का अपमान किया है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। कुछ भाजपा नेता सीएम नीतीश के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। जीतन राम मांझी ने कहा कि जिस तरह से सीएम नीतीश कुमार ने उनका अपमान किया, वह बेहद ही गलत और अन्यायपूर्ण है। नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वह राज्य हित में निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। इसलिए उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
कल गुरुवार को आरक्षण संशोधन बिल पेश करते वक्त सीएम नीतीश कुमार फिर से भड़क गए थे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को खूब खरी-खोटी सुनाई थी। भाजपा ने इसका विरोध करते हुए इसे दलित का अपमान बताया था। इधर, जीतन राम मांझी आज इस मुद्दे पर राज्यपाल से मिल सकते हैं। भाजपा नेताओं ने पहले ही संकेत दे दिया है कि इस मुद्दे पर विरोध करेगी। आज प्रदर्शन की तैयारी में हैं।
महागठबंधन के नेता भी विरोध प्रदर्शन कर रहे
विपक्ष का विरोध प्रदर्शन देख महागठबंधन के नेता भी विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन करने लगे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे हैं। हाथ में तख्तियां लेकर महागठबंधन के नेता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इधर, सदन के अंदर हंगामा देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।




