द फ्रंट डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई एक विवादित टिप्पणी ने प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के बयान के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस मामले में राज्य के अलग-अलग जिलों में कुल 83 थानों में FIR दर्ज की गई है। कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने मौलाना की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं संत समाज भी इस विवाद में खुलकर सामने आ गया है और इसे सामाजिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
क्या है पूरा मामला?
मामला उस समय सामने आया जब बिहार में आयोजित एक धार्मिक तकरीर के दौरान मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने उत्तर प्रदेश में लागू गौकशी कानून का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी मां के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि अगर किसी व्यक्ति के पास थोड़ी मात्रा में मांस भी मिल जाए तो प्रशासन उसे अपराधी मानकर सख्त कार्रवाई करता है। इसी संदर्भ में उन्होंने मुख्यमंत्री की मां का जिक्र करते हुए विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश में इसका विरोध शुरू हो गया। कई सामाजिक संगठनों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने इसे मुख्यमंत्री के परिवार और मातृशक्ति का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद यह मामला तेजी से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया।
कितनी जगह दर्ज हुई FIR?
मौलाना के बयान के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गईं। जानकारी के अनुसार राज्य के 83 थानों में FIR दर्ज की गई है। इनमें से कई मामले सामाजिक संगठनों, भाजपा पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की शिकायत पर दर्ज किए गए हैं। सबसे पहले बलरामपुर जिले में स्थानीय भाजपा जिलाध्यक्ष की तहरीर पर मामला दर्ज हुआ। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुलिस को शिकायतें दी गईं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच कई संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की कड़ी प्रतिक्रिया
इस विवाद पर कराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हरदोई में मीडिया से बातचीत के दौरान इस बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां केवल उनकी ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की मां हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि समाज में हर महिला मातृशक्ति का रूप होती है और उसका अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मौलाना के बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि धार्मिक नेताओं को अपनी भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि इससे समाज में तनाव पैदा होता है और भाईचारे को नुकसान पहुंचता है।

क्यों बढ़ा विवाद?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने बयान के दौरान संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “पितुः शतगुणी माता गौरवेणातिरिच्यते” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रों में मां का स्थान पिता से भी सौ गुना ऊंचा माना गया है। इसलिए किसी भी परिस्थिति में मां के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना सामाजिक और धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम धर्म में भी मां को बहुत ऊंचा दर्जा दिया गया है। ऐसे में धार्मिक नेताओं को ऐसी भाषा से बचना चाहिए जो समाज में तनाव पैदा करे। उनके अनुसार इस तरह के बयान न केवल सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि धार्मिक मूल्यों को भी कमजोर करते हैं।
विरोध प्रदर्शन भी शुरू
विवादित बयान के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में लोगों का आक्रोश देखने को मिला है। राजधानी लखनऊ में प्रदर्शनकारियों ने मौलाना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। इस बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा पर हैं। यह यात्रा वाराणसी से 7 मार्च को शुरू हुई है और 11 मार्च को लखनऊ में एक बड़ी धर्मसभा के साथ इसका समापन होना है। इसी यात्रा के दौरान हरदोई में उन्होंने यह बयान दिया, जिसके बाद यह मुद्दा पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। अब इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।




