Budget 2022 Live: सच में समावेशी होगा निर्मला सीतारमण का चौथा बजट? बोले केंद्रीय मंत्री- सबका होगा लाभ

Budget 2022 Live: सच में समावेशी होगा निर्मला सीतारमण का चौथा बजट? बोले केंद्रीय मंत्री- सबका होगा लाभ

नई दिल्ली, Budget 2022 Live: केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हर क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से समावेशी बजट पेश करेंगी। इसका फायदा सभी को होगा…आज के बजट से सभी क्षेत्रों (किसानों सहित) को उम्मीदें रखनी चाहिए। यह बात उन्होंने मंगलवार सुबह वित्त मंत्रालय पहुंचने पर पत्रकारों को बताई।

दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज (एक फरवरी, 2022) केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह वित्त वर्ष 2022-23 का बजट प्रस्ताव होगा, जिसे वह नई दिल्ली स्थित संसद भवन में सुबह 11 बजे प्रस्तुत करेंगी। यह लगातार चौथा मौका होगा, जब सीतारमण बजट पेश करेंगी।

क्या रहेगा वित्त मंत्री के दिन का प्लान?

  • घर से वित्त मंत्रालय (नॉर्थ ब्लॉक) पहुंचीं
  • राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट होगी
  • फिर संसद भवन पहुंचेंगी
  • 11 बजे लोकसभा में बजट प्रस्तुत करेंगी

बजट को लेकर क्या चर्चा है?

  • कहीं ये चुनावी बजट तो नहीं होगा
  • क्या किसानों के लिए बड़े ऐलान
  • इनकम टैक्स स्लैब बढ़ेगा या नहीं
  • हेल्थ सेक्टर का बजट बढ़ सकता है

संभावना है कि वह राजकोषीय सूझ-बूझ और बढ़ोतरी को समर्थन के बीच संतुलन बैठाने का प्रयास करेंगी। यह भी माना जा रहा है कि अगले वित्त वर्ष का आम बजट निवेश और रोजगार पैदा करने के लिए खर्च बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

एक अप्रैल, 2022 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए इस आम बजट में भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर होगा और इसके लिए बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाया जा सकता है। इससे पहले, सोमवार (31 जनवरी, 2022) को इकनोमिक सर्वे  ने बजट के लिए मंच तैयार कर दिया है। आर्थिक समीक्षा में यह अनुमान लगाया गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष (2022-23) में 8-8.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।

मार्च में खत्म होने जा रहे वित्त वर्ष में एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में 9.2 फीसदी की दर से विस्तार होने की संभावना है, जबकि इससे पहले पिछले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई थी। यह भी उम्मीद है कि वित्त मंत्री वृद्धि को समर्थन देने के साथ वित्तीय रूप से सावधान रहते हुए बढ़ोतरी के एजेंडा को बढ़ावा देंगी और इसके लिए अधिक पूंजीगत व्यय की राह अपनाएंगी। इससे निवेश चक्र और रोजगार में तेजी आएगी।

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