Gyanvapi Row के बीच सरकार ने दिया कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का आदेश,हिंदू संगठनों का दावा विष्णु स्तंभ है यह

Gyanvapi Row के बीच सरकार ने दिया कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का आदेश,हिंदू संगठनों का दावा विष्णु स्तंभ है यह

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Mosque) को लेकर चल रहे विवाद के बीच भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने एएसआई (Archaeological Survey of India) को कुतुब मीनार (Qutub Minar) परिसर में खुदाई का आदेश दिया है।

ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के बाद दिल्ली के कुतुब मीनार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां मिलने का हवाला देते हुए यह वादा किया जा रहा है कि कुतुब मीनार को हिंदू शासक राजा विक्रमादित्य ने बनवाया था। अब संस्कृति मंत्रालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) को कुतुब मीनार में खुदाई करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही वहां मिले प्रतिमाओं की आइकोनोग्राफी के लिए कहा है।

एएसआई को दिया उत्खनन रिपोर्ट सौंपने का आदेश
एएसआई के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक धर्मवीर शर्मा ने दावा किया कि कुतुब मीनार का निर्माण राजा विक्रमादित्य द्वारा किया गया था, न कि कुतुब अल-दीन ऐबक द्वारा। विक्रमादित्य ने इसे सूर्य की दिशा का अध्ययन करने के लिए बनवाया था। संस्कृति मंत्रालय ने एएसआई को अपनी उत्खनन रिपोर्ट सौंपने को भी कहा है। मीनार के दक्षिण में मस्जिद से 15 मीटर की दूरी पर खुदाई शुरू की जा सकती है। संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने शनिवार को अधिकारियों के साथ कुतुब मीनार का दौरा किया। इसके बाद यह फैसला लिया गया।

हिंदू संगठनों की मांग विष्णु स्तंभ रखा जाए नाम
गोविंद मोहन ने तीन इतिहासकारों, चार एएसआई अधिकारियों और शोधकर्ताओं के साथ साइट का दौरा किया। एएसआई के अधिकारियों ने सचिव को बताया कि कुतुब मीनार परिसर में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है। बता दें कि इससे पहले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने दावा किया था कि कुतुब मीनार वास्तव में ‘विष्णु स्तम्भ’ था। कई हिंदू संगठनों ने कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तंभ करने की मांग की है। हिंदू संगठनों की ओर से कहा गया है कि कुतुब मीनार के अंदर भगवान नरसिंह की 1200 साल पुरानी मूर्ति, भगवान गणेश और भगवान कृष्ण की मूर्तियां मिली थीं। कुतुब मीनार के अलावा महरौली के लालकोट किले और अनंगताल में भी खुदाई होगी।

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