कोलकाता, 24जनवरी 2021

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में जय श्री राम के नारे को लेकर राजनीति गर्म है। टीएमसी सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां ने जय श्री राम के नारे की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राम का नाम गला दबाकर नहीं बोला जाना चाहिए।

टीएमसी सांसद ने ट्वीट कर लिखा “राम का नाम गले लगा के बोलो न कि गला दबा के।” नुसरत जहां ने आगे लिखा कि “स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती समारोह का जश्न मनाने के लिए आयोजित सरकारी कार्यक्रम में धार्मिक नारे लगाने की मैं कड़ी निंदा करती हूं।”

क्या था मामला ?

23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित कोलकाता में कार्यक्रम का आयोजन हुआ था जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी दोनों शामिल हुई थीं। इसी कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मंच पर बोलने के लिए बुलाया गया तभी नीचे से जय श्री राम के नारे लगाए गए। इसे ममता बनर्जी ने अपनी बेइज्जती बताते हुए कार्यक्रम में बोलने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि सरकारी कार्यक्रमों की कोई मर्यादा होनी चाहिए।

वहीं नुसरत जहां के कार्यक्रम में जयश्री राम के नारे का विरोध करने पर यूजर उनके ट्वीट पर रिप्लाई कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा ‘बदनाम हुआ राम का नाम।’ एक दूसरे यूजर ने लिखा ये हमारी संस्कृति नहीं है। हमारी संस्कृति जय बंग है।

कई सारे यूजर ने नुसरत के ट्वीट का विरोध भी किया है। एक यूजर ने लिखा कि जय श्री राम का नाम लेना किसी का अपमान कैसे हो गया ? जबकि एक और यूजर ने लिखा क्या किसी ने गला दबाके राम का नाम बुलवाया था।