तिरुवनंतपुरम, 2 मई 2021

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट) की उम्मीदवार और केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा मत्तनूर विधानसभा सीट पर लगभग 60 हजार वोटों से जीत दर्ज की है। इस सीट पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार इलिक्कल अगस्त्य और केरल सोशलिस्ट पार्टी (बोल्शेविक) के उम्मीदवार बीजू एलक्कुजी करारा शिकस्त दी। केके शैलजा ने पिछले साल केरल में कोरोना महामारी के प्रबंधन को लेकर काफी काम किया था। उसी का परिणाम है कि आज वह भारी मतों से विजयी हई हैं।

अपनी जीत के बाद उन्होंने केरल की जनता का धन्यवाद देते हुए कहा, ‘केरल में एलडीएफ को विधानसभा चुनावों में शानदार जीत मिली और वे केरल के लोगों के शुक्रगुजार हैं।’ शैलजा एक रियाटर्ड अध्यापिका है। पिछले साल जैसे ही भारत में कोरोना ने पांव जमाने शुरू किए, उसी दौरान शैलजा ने केरल में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए बेहतरीन कार्य किया। 6 अप्रैल को विधानसभा चुनावों के दौरान अपना वोट डालते हुए उन्होंने मीडिया से कहा था कि, ‘केरल में कोरोना से मृत्यु दर (0.4%) काफी कम है। केरल घनी आबादी वाला राज्य है…हम कोरोना को रोकने में सक्षम थे। अब कोरोना के फैलने की गति कम हुई है…और यह अन्य राज्यों से काफी कम है…इसके शुरू होने के बाद हम काफी सामाजिक कल्याण की योजनाएं लेकर आए, जैसे की जरूरतमंदों को भोजन की किट सप्लाई करना, कम्युनिटी रसोई आदि। इसके अलावा हमने गैर कोरोना मरीजों को दवाओं की भी आपूर्ति की। लोग इसे देख रहे हैं और वे हमें वोट करेंगे।’

इससे पहले केके शैलजा ने निपह वायरस के प्रसार को रोकने के लिए भी काफी अच्छा काम किया था। केरल का निपह वायरस से दो बार सामना हो चुका है। सर्वप्रथम यह 2018 में आया था, उसके बाद 2019 में। स्वास्थ्य मंत्री सैलजा ने राज्य में कोरोना वायरस को लेकर किए गए अपने कार्यों के लिए काफी सराहना बटोरी। केरल में कोरोना वायरस को लेकर प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान ने कहा था कि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा से कोरोना के प्रबंधन के गुर सीखने चाहिए।