नई दिल्ली, 7 जुलाई 2021

नई आबकारी नीति को राजधानी में लागू किया गया है जिसके तहत शराब की बोतलों पर खास लेबल या बार कोड लगाया जाएगा, यह लेबल ऊन्नत किस्म का होगा। इस नई तकनीक के लागू होने से राजधानी में नकली शराब बेचना संभव नहीं होगा। कर चोरी पर भी लगाम लगाई जा सकेगी। दिल्ली सरकार का आबकारी विभाग नए बार कोड सिस्टम को जल्द लागू करेगा। नए अत्याधुनिक लेबल का निर्माण सिक्योरिटी प्रिंंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन आफ इंडिया द्वारा किया जाएगा।

शराब बोतलों पर लगाए जाने वाले लैबल के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक व बेहतर इंक का प्रयोग होगा ताकि इसकी नकल करना संभव नहीं हो सकेगा। राजधानी के सभी शराब दुकान लाइसेंस धारकों को एक्साइज सप्लाई चेन इंफाम्रेशन मैनेजमेंट सिस्टम के तहत रखा जाएगा।

इसके लिए सभी लाइसेंस धारक अपने परिसर में सूचना तकनीक से संबंधित जरूरी परिचानल व्यवस्था करेंगे। नए आबकारी नियमों में अब बार कोड के द्वारा कर चोरी को रोकने का सरकार ने रास्ता ढूंढ लिया है। आबकारी नीति 2021-22 को सोमवार को सार्वजनिक किया गया, जिसमें कहा गया कि दुनिया के जिन शहरों में लोग सर्वाधिक घूमने जाते हैं, उनमें दिल्ली 28वें स्थान पर है और भारत में सर्वाधिक विदेशी पर्यटक यहीं आते हैं। इसमें कहा गया है कि आबकारी राज्य के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत है। हालांकि नीति दस्तावेज में शराब की होम डिलीवरी (घर तक पहुंचाने की सुविधा) और शराब पीने की कानूनी उम्र का जिक्र नहीं किया गया है, जो कि आबकारी नियमों का हिस्सा है। शराब पीने की कानूनी उम्र पड़ोसी शहरों की तरह 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया था।

नई व्यवस्था के तहत सरकार शराब के खुदरा कारोबार से बाहर हो जाएगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी दुकानों को बंद करने और निजी कारोबारियों को बढ़ावा देने का रास्ता साफ होगा। वर्ष 2021-22 की आबकारी नीति के अनुसार शहर में शराब के प्रत्येक ठेके पर ग्राहकों को वॉक-इन की सुविधा मिलेगी। यानी अब ठेकों में ब्रांड के कई विकल्प होंगे और दुकान परिसर के भीतर जाकर लोग अपनी पसंद के ब्रांड की शराब चुन सकेंगे। वातानुकूलित खुदरा दुकानों में कांच के दरवाजे होंगे। इसमें कहा गया है कि ग्राहकों को किसी दुकान के बाहर या फुटपाथ पर भीड़ लगाने और काउंटर से खरीदारी करने की अनुमति नहीं होगी।