नई दिल्ली, 22 फरवरी 2021

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने जहां आम लोगों के लिए सिर में दर्द पैदा कर दिया है। विरोधी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं तो वहीं इसी बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मुद्दे पर बयान देकर सबको चौंका दिया है। सीतारमण ने कहा कि यह एक विवादास्पद मुद्दा है, पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऑइल मार्केटिंग कंपनियां तय करती हैं। इससे सरकार का कुछ लेना-देना नहीं है। केंद्र और राज्यों, दोनों को ही तेल की कीमते कम करने के लिए मिलकर बैठकर बातचीत करनी चाहिए और इस मसले का हल निकालना चाहिए।

कुमार विश्वास ने वित्त मंत्री सीतारमण कसा तंज

जिसके बाद कवि कुमार विश्वास ने वित्तमंत्री पर तंज कसा है। उन्होंने ट्विटर पर वित्तमंत्री के बयान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ‘ईश्वरीय कृपा अर्थात ऐक्ट ऑफ गॉड।’ कवि कुमार विश्वास का ये ट्वीट इस वक्त सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर काफी कमेंट कर रहे हैं।

सोनिया गांधी ने लिखा पीएम मोदी को पत्र

मालूम हो कि इससे पहले पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को पत्र लिखा था। उन्‍होंने सरकार से इसका हल निकालने की मांग की है। आपको बता दें कि पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने लोगों के घर का बजट बिगाड़ दिया है।सोनिया गांधी ने अपने पत्र में लिखा, ‘मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इन बढ़ोतरी को वापस लें और हमारे मध्यम और वेतनभोगी वर्ग, हमारे किसानों और गरीबों और हमारे साथी सैनिकों को लाभ दें।’ सोनिया गांधी ने कहा कि यह कीमतें ‘ऐतिहासिक एवं अव्यावहारिक’ हैं।

धर्मेंद्र प्रधान ने कही ये बात

तेल के बढ़ते हुए दामों पर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी सफाई पेश की है।केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ईंधन की कीमत बढ़ने के पीछे दो मुख्य कारण हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार ने ईंधन का उत्पादन कम कर दिया है और अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए विनिर्माण देश कम ईंधन का उत्पादन कर रहे हैं। इससे उपभोक्ता देश त्रस्त हैं। वहीं उन्होंने कहा कि हम लगातार सऊदी अरब ने तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और रूस समेत सहयोगी देशों (ओपेक प्लस) से आग्रह करते रहे हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिए। हमें उम्मीद है कि बदलाव होगा।

कांग्रेस पर साधा निशाना

मंत्री प्रधान ने एक मीडिया चैनल से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार ने ऑयल बांड्स बिना किसी बजटरी सपोर्ट के जारी किए थे और उसका बड़ा असर कीमतों में दिखाई दे रहा है। तेल कंपनियों को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा ऑयल बांड्स की ब्याज अदायगी में हो रहा है और उसका असर कीमतों पर नजर आ रहा है।