वाशिंगटन, 14जनवरी 2021

डेमोक्रेटिक-नियंत्रित अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के खिलाफ दूसरे महाभियोग (Impeachment against Trump) पर बहस के बाद महाभियोग प्रस्ताव को पास कर दिया है. 197 के मुकाबले 232 वोटों से महाभियोग प्रस्ताव पारित हो गया.10 रिपब्लिकन सांसदों ने भी महाभियोग के पक्ष में वोट दिया. अब सीनेट में 19 जनवरी को ये प्रस्ताव लाया जाएगा. दरअसल ट्रंप समर्थकों द्वारा अमेरिकी संसद भवन कैपिटोल हिल्स (Capitol Hills Violence) में जबरन घुसने और हिंसा को लेकर ट्रंप के खिलाफ यह प्रस्ताव लाया गया.

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के इतिहास में ऐसे पहले राष्ट्रपति बन गए हैं, जिनके खिलाफ एक ही कार्यकाल में दो बार महाभियोग प्रस्ताव पारित हुआ है. इससे पहले अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक प्रस्ताव पारित करके देश के निवर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस से अपील की थी कि वह डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने के लिए 25वां संशोधन लागू करें. इस प्रस्ताव को मंगलवार को 205 के मुकाबले 223 मतों से पारित किया गया था.

प्रस्ताव में माइक पेंस से अपील की गई थी कि वह कैबिनेट से 25वां संधोशन लागू करने को कहें. इस संशोधन को पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी की हत्या के मद्देनजर 50 साल से अधिक समय पहले पारित किया गया था. इसके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति पद पर सेवा देने उपयुक्त नहीं रह जाता, तो उसकी जगह किसी और की नियुक्त किए जाने का प्रावधान करने के लिए इस संशोधन का इस्तेमाल किया जाता है.

कैपिटोल हिल्स पर हुए हमले के बाद तमाम सोशल मीडिया मंचों द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बाद अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने कहा है कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पहले कभी इतने खतरे में नहीं थी. ट्रंप ने कहा, ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पहले कभी इतने खतरे में नहीं थी. मुझे 25वें संशोधन से जरा सा भी खतरा नहीं है, लेकिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) और उनके प्रशासन के लिए यह आगे खतरा जरूर बन सकता है.”

उन्होंने आगे कहा, ‘‘देश के इतिहास में जानबूझकर किसी (ट्रंप) को परेशान करने के सबसे निंदनीय कृत्य को आगे बढ़ाते हुए महाभियोग का इस्तेमाल किया जा रहा है और इससे काफी गुस्से एवं विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो रही है. इसका दर्द इतना अधिक है कि कुछ लोग इसे समझ भी नहीं सकते, जो कि खासकर इस नाजुक समय में अमेरिका के लिए बेहद खतरनाक है.”