नई दिल्ली, 7 मई 2021

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल का दौरा किया, ताकि गंभीर कोविड रोगियों के उपचार संबंधी प्रबंधन के लिए तैयारियों का जायजा लिया जा सके।

उन्होंने अस्पताल के टीकाकरण केंद्र में लाभार्थियों और एईएफआई पोस्ट वैक्सीनेशन निगरानी वाले लोगों के साथ बातचीत की। उन्होंने सभी को आश्वासन दिया कि पूरी प्रक्रिया सुचारू है। एईएफआई के लिए निगरानी वाले व्यक्तियों ने बताया कि टीकाकरण के बाद उन्हें कोई कठिनाई महसूस नहीं हुई।

मंत्री ने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ भी बातचीत की और महामारी के दौरान काम करने की उनकी असीम प्रतिबद्धता के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने चिकित्सा कार्यबल को बढ़ाने के लिए हाल के फैसलों की भी जानकारी दी, जिससे उनके कार्यभार में कई गुना कमी आने की संभावना है।

हर्षवर्धन ने बेड की उपलब्धता की विस्तार से समीक्षा की, जिसमें ऑक्सीजन सपोर्ट और आईसीयू वेंटिलेटर बेड शामिल हैं।

चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. ए. के. सिंह राणा ने उन्हें कोविड रोगियों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए बिस्तर की उपलब्धता बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया।

आरएमएल अस्पताल में शुरू में दो समर्पित भवनों में 172 कोविड बेड थे जिनमें से 158 ऑक्सीजन बेड और 14 आईसीयू बेड थे। कोविड संदिग्ध ब्लॉक, जिसमें लक्षणों के आधार पर रोगियों को भर्ती किया था, वहां 44 अन्य बेड थे, जिनमें से 30 में ऑक्सीजन युक्त बेड थे और 14 आईसीयू बेड थे।

कोरोना मामलो में हाल के दिनों में हुई बढ़ोतरी के बाद लोगों के इलाज के लिए 33 नए कोविड ऑक्सीजन बेड और 10 आईसीयू बेड जोड़कर कोविड बेड की संख्या को 215 तक बढ़ा दिया गया है।

अस्पताल प्रशासन ने गैर-कोविड रोगियों के पुनर्वास, दान और डोफिंग क्षेत्र के विकास और वर्तमान में चल रही जनशक्ति की पुनर्व्यवस्था को पूरा करने के तुरंत बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सुझाव के अनुसार 200 अन्य कोविड बेड जोड़ने की योजना की भी जानकारी दी। इन सभी बिस्तरों को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाएगा।

हर्षवर्धन ने डीआरडीओ द्वारा स्थापित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का भी निरीक्षण किया। अस्पताल में दो लिक्विड ऑक्सीजन चैंबर हैं, जिसमें एक 12 मीट्रिक टन की क्षमता वाला और दूसरा 10 मीट्रिक टन की क्षमता वाला चैंबर शामिल है।