नई दिल्ली, 5 फरवरी 2021

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, किसान मांग कर रहे हैं कि सरकार इन तीनों ही कानूनों को वापस ले। लेकिन जिस तरह से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हिंसा हुई और लाल किले पर निशान साहिब का झंडा फहराया गया उसके बाद किसानों के आंदोलन को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस बीच शिवसेना के नेता संजय राउत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की जोरशोर से कोशिश की जा रही है।

संजय राउत ने कहा कि जिस तरह से विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की गई, ठीक उसी तरह से किसानों की आवाज को भी दबाने की कोशिश की जा रही है। गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई घटना पर संजय राउनत ने कहा कि आखिर केंद्र ने इस पूरे मामले के असल आरोपियों को क्यों नहीं पकड़ा। केंद्र की ओर से इस बारे में अभी तक कुछ भी नहीं बताया गया है कि आखिर 26 जनवरी को हुई हिंसा के पीछे असल में कौन था। बल्कि 200 से अधिक किसानों को जेल में बंद कर दिया गया है। राउत ने कहा कि कई युवा प्रदर्शनकारी अभी भी लापता हैं और उनके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।

बता दें कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली थी, ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा हुई थी, जिसमे दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए थे। यही नहीं प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के लालकिले पर बड़ी संख्या में पहुंचकर वहां निशान साहिब का झंडा फहराया था, जिसके बाद हिंसा के आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार करके उनके खिलाफ केस दर्ज किया है। इस पूरे मामले की दिल्ली पुलिस की एसआईटी जांच कर रही है। मामले के मुख्य आरोपी दीप सिद्दू सहित कई आरोपियों पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपए के ईनाम का ऐलान किया है।