मुंबई, 25 फरवरी 2021

केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नागर से निर्दलीय सांसद मोहन डेलकर का 22 फरवरी को मुंबई के मरीन ड्राइव के एक होटल में रहस्मय तरीके से मौत हो गई थी। अब इस पूरा मामले में सांसद के परिवार का दावा है कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि स्लो मर्डर है। सांसद ने एक लंबे सुसाइड नोट में स्थानीय नौकरशाहों के परेशान किए जाने का आरोप लगाया था। बुधवार को एक न्यूज पेपर से बात करते हुए, उनके बेटे अभिनव डेलकर ने बताया कि उनके पिता ने इसके बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा था और यहां तक ​​कि इसे पिछले साल संसद में भी उन्होंने अपनी बात कही थी, लेकिन किसी ने भी उनकी नहीं सुनी।

सांसद के बेटे ने बताया कि उनके पिता मोहन डेलकर ने उनको कहा था कि स्थानीय लोगों और आदिवासियों के लिए जो काम कर रहे हैं, उसके लिए उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दादरा और नगर हवेली के अधिकारियों के कई नामों का खुलासा किया है। अभिनव ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल (गुजरात के पूर्व गृह मंत्री), कलेक्टर संदीप कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक शरद दराडे, पुलिस उपाधीक्षक मनसवी जैन, डिप्टी कलेक्टर अपूर्वा शर्मा और एक कानून अधिकारी जिनका नाम उन्हें याद नहीं है।

मुंबई पुलिस सच्चाई का पता लगाएगी

पिता की मौत के बारे में बात करते हुए अभिनव ने कहा कि उन्हें कभी शक नहीं था कि वह इस तरह का कठोर कदम उठाएंगे, खासकर उस दिन जब सिलवासा में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रतिनिधियों के साथ उनकी एक बड़ी बैठक हुई थी। उन्होंने कहा कि हम यह भी नहीं जानते हैं कि वह अचानक मुंबई क्यों गए थे, हम मानते हैं कि मुंबई पुलिस सच्चाई का पता लगाएगी। हमें पूरा भरोसा है। बेटे ने कहा कि मुझे आशा है कि प्रफुल्ल पटेल और मेरे पिता की ओर से दिए गए और लोगों पर कार्रवाई होगी, क्योंकि यह आत्महत्या नहीं बल्कि स्लो मर्डर है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया है। पिछले साल लोकसभा में बोलते हुए मोहन ने कहा था कि दादरा और नगर हवेली में स्थानीय प्रशासन उनका उत्पीड़न और अपमान कर रहा था। उन्होंने कहा कि वे उसे महामारी के दौरान लोगों की मदद करने से रोक रहे थे।

पंंखे से लटका मिला था शव, सुसाइड नोट में 40 नाम

आपको बता दें कि 22 फरवरी को मुंबई के मरीन ड्राइव इलाके में एक होटल में सांसद का शव पाया गया था। कमरे में उनका शव पंखे से लटकता हुआ मिला था। मुंबई पुलिस के मुताबिक डेलकर ने खुदकुशी की थी। फंदे से लटकने के चलते डेलकर के गले की सांस नली टूट गई और उनकी मौत हो गई। मोहन डेलकर सात बार से सांसद थे। उनकी उम्र 58 साल थी। वे अपने पीछे अपनी पत्नी कलाबेन डेलकर और दो बच्चों अभिनव और द्विविता को छोड़ गए हैं। पुलिस के मुताबिक जिस होटल के कमरे में मोहन डेलकर ने खुदकुशी की है उसी कमरे से 6 पन्‍नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि इस सुसाइड नोट में 40 लोगों का नाम है।