उत्तराखंड, 7 फरवरी 2021

उत्तराखंड के चमोली जिले में हिमखंड टूटने (Glacier Burst in Uttrakhand) से नदियों में आयी बाढ़ से क्षतिग्रस्त एनटीपीसी की निर्माणाधीन 480 मेगावाट तपोवन-विष्णुगाड पनबिजली परियोजना की एक सुरंग में अभी 150 के करीब लोगों के फंसे होने की आशंका है. जबकि अभी तक 16 लोगों का रेस्क्यू हो चुका है, तो वहीं 10 लोगों के शव मिले हैं. इस बीच उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने इस आपदा में जान गंवाने लोगों के परिवार वालों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है.

इसके अलावा सीएम रावत ने कहा कि हमारी सेना के लोग वहां पहुंच गए हैं. एनडीआरएफ ( NDRF) की एक टीम दिल्ली से यहां पहुंची है. मेडिकल सुविधा की दृष्टि से वहां सेना, पैरामिलिट्री फोर्सेज और हमारे राज्य के डॉक्टर कैंप किए हुए हैं. जबकि हमने वहां का हवाई सर्वे किया. इसके बाद रेणी गांव जहां तक जाया जा सकता है, वहां तक रोड से जाकर जायजा लिया है. इससे पहले रावत ने बताया कि आईटीबीपी के जवान रस्सी से सुरंग के अंदर 150 मीटर तक पहुंचे हैं. जबकि यह सुरंग लगभग 250 मीटर लंबी है.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुताबिक, 13 मेगावाट के ऋषिगंगा पॉवर प्रोजेक्ट में 35 लोग काम करते थे और सभी लापता हैं. इसके अलावा उत्तराखंड पुलिस के दो जवान भी लापता हैं. जबकि तपोवन पॉवर प्रोजेक्ट में 176 श्रमिक काम कर रहे थे. वहीं, अपनी 180 भेड़ और बकरियों के साथ पांच स्थानीय चरवाहे भी बाढ़ में बह गए हैं. हम मान रहे हैं कि लगभग 125 लोग लापता हैं. हालांकि यह संख्या अधिक हो सकती है.

इस बीच, एनटीपीसी के महाप्रबंधक आरपी अहीरवाल ने बताया कि निर्माणाधीन परियोजना को बाढ़ से बहुत नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि हालांकि वास्तविक आकलन करने में अभी समय लगेगा लेकिन बाढ़ के पानी के बैराज के ऊपर से बह जाने के कारण वह काफी क्षतिग्रस्त हो गया है. यह परियोजना धौलीगंगा के उपर बन रही है. इसके अलावा, बाढ से बिजली उत्पादन कर रही 13.2 मेगावाट की ऋषिगंगा पनबिजली परियोजना भी पूरी तरह से खत्‍म हो गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख

चमोली में आई आपदा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है. इसके साथ ही आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रियजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री ने हल्दिया में एक रैली के दौरान कहा कि आज हम मां गंगा के एक छोर पर हैं, लेकिन जो मां गंगा का उद्गम स्थल है, वो राज्य उत्तराखंड इस समय आपदा का सामना कर रहा है. मैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, देश के गृहमंत्री और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के अफसरों के निरंतर संपर्क में हूं. वहां पर राहत और बचाव का कार्य चल रहा है और प्रभावित लोगों की मदद का हर प्रयास किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों की जुझारू भावना की सराहना की और कहा कि पूरा देश उनके लिये प्रार्थना कर रहा है.