लखनऊ, 14 मई 2021

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जेल में शुक्रवार को कैदियों के बीच गोली चल गई। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है। दर्जनों राउंड गोलियां चलीं, जिसमें अंशु दीक्षित नामक बंदी ने फायरिंग कर मेराज और मुकीम उर्फ काला को मार डाला। इसके बाद पुलिस बल ने जेल के अंदर ही अंशु दीक्षित का एनकाउंटर कर दिया। वह भी पुलिस एनकांउटर में मारा गया। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने बताया कि जेल अधीक्षक द्वारा हमें सूचना मिली कि यहां पर एक बंदी द्वारा अपने सहबंदियों पर फायरिंग हो रही है। डीएम और जिले की पुलिस बल घटना स्थल पर पहुंचे। देखा गया कि उक्त बंदी पर पिस्टल से हमला किया जा रहा था। मौके पर दो लोगों को गोली मार दी गयी। पुलिस ने घेरा बंदी कर उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा गया। लेकिन नहीं माना और पुलिस पर फायरिंग करने लगा। आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने फायरिंग की जिससे उसको गोली लग गयी।

घटना को अंजाम देने वाले का नाम अंशु दीक्षित था। वह सीतापुर जिले का रहने वाला था। उसके ऊपर आठ मुकदमें हत्या और रंगदारी के दर्ज थे। वह सुल्तानपुर से ट्रान्सफर होकर यहां आया था। अन्य अभियुक्तों में से मुकीम काला जो कि शामली का रहने वाला है। उस पर 65 मुकदमें हैं। मेराज जो कि बनारस का रहने वाला था। उस पर 3 मुकदमें थे। बांकी की जानकारी वाराणसी पुलिस से मांगी गयी है। मामले की विधिक कार्यवाही हो रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा। उस पर कार्यवाही होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट जेल में हुए शूटआउट के मामले में डीजी जेल से रिपोर्ट मांगी है। योगी ने कहा कि अगले 6 घंटे में कमिश्नर डीके सिंह, डीआईजी के सत्यनारायण और एडीजी जेल संजीव त्रिपाठी मामले की जांच कर पूरी रिपोर्ट दें।

विपक्षी दल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने जेल के अंदर फायरिंग को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। सपा के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा यूपी में कहीं भी किसी को ठोक सकता है। यहां पर जंगल राज चल रहा है। जेल में बंद मफिया लोगों के पास पता नहीं कहां से असलहे पहुंच जाते हैं। जेल के अंदर गैंगवार शुरू हो जाता है। यहां पर कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है।

कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि जेल के अंदर हत्या होना यह दर्शाता है कि यूपी में किस तरह से अपराधिक गतिविधियां चल रही हैं। सरकार का अपराधियों को संरक्षण प्राप्त है। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल है।