नई दिल्ली, 29जनवरी 2021

आज से संसद का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है, जिसके हंगामेदार होने के आसार हैं क्योंकि कृषि कानून को लेकर जहां सड़कों पर किसान हैं वहीं दूसरी ओर संसद के अंदर विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में लगी है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने बजट सत्र शुरू होने से पहले ही अपने तेवर साफ कर दिए हैं। आजाद ने कहा कि विपक्ष 18 दल 29 जनवरी को होने वाले राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार करेंगे, इसकी मुख्य वजह यह है कि कृषि बिलों को सदन में जबरन विपक्ष के बिना पास कराया गया है।

इन विपक्ष दलों में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, नेशनल कांफ्रेंस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, सपा, राजद, माकपा, भाकपा, आईयूएमएल, आरएसपी, पीडीपी, एमडीएमके, केरल कांग्रेस(एम), आम आदमी पार्टी और एआईयूडीएफ शामिल हैं, इन सभी ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा की जांच कराने की भी मांग की है। हालांकि विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए सरकार भी पूरी तरह से तैयार है,सरकार की ओर से किसान आंदोलन, चीन से सीमा विवाद और अर्थव्यवस्था के सवाल पर विपक्षी हमले का जवाब तैयार कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री खुद इस संदर्भ में सरकार का पक्ष रखेंगे।

एक फरवरी को पेश होगा आम बजट

आपको बता दें कि बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से होगी और इसके साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी। 1 फरवरी को बजट पेश किया जायेगा। बजट सत्र का पहला हिस्सा 29 जनवरी से 15 फरवरी तक तो दूसरा हिस्सा 8 मार्च से 8 अप्रैल के बीच होगा।

कोरोना गाइडलाइंस का होगा पालन

  • मानसून सत्र की तरह बजट सत्र में भी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन होगा।
  • लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यवाही पांच-पांच घंटे की पालियों में संचालित होगी।
  • राज्यसभा की कार्यवाही सुबह की पाली में और लोकसभा की कार्यवाही शाम की पाली में चलेगी।
  • बजट सत्र में प्रश्नकाल आयोजित होगा।
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में भारत के केंद्रीय बजट को वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में निर्दिष्ट किया गया है।
  • पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने अभी तक सबसे ज्यादा 10 बार बजट प्रस्तुत किया है।