नई दिल्ली, 29जनवरी 2021

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बिजनौर (Bijnor) में पुलिस ने किसानों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर कोई किसान नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में गाजीपुर में होने वाले विरोध में शामिल होने के लिए बिजनौर से बाहर जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिजनौर के एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने कहा, ‘गाजीपुर-दिल्ली बॉर्डर स्थित विरोध स्थल पर धारा 144 और कोविड प्रोटोकॉल लागू हैं, वहां धरना स्थल को ‘गैरकानूनी’ घोषित किया जा चुका है। ऐसे में अगर कोई किसान उस स्थल की ओर ट्रैक्टर, चार पहिया या दो पहिया वाहन से जाता है, तो हम उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। जिले की सीमा को सील कर दिया गया है। हम सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं की जांच कर रहे हैं। अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।’

गाजीपुर बॉर्डर के बाद मुजफ्फरनगर में महापंचायत

26 जनवरी को दिल्‍ली में हुए बवाल के बाद किसान आंदोलन ठंडा पड़ता दिख रहा था और पुलिस भी दिल्‍ली गाजीपुर बॉर्डर पर डटे किसानों को हटाने की तैयारी में थी। लेकिन गुरुवार की रात राकेश टिकैत के रोने के बाद रातोंरात एक बार फिर माहौल बदल गया है। किसान आंदोलन के समर्थन में मुजफ्फरनगर में महापंचायत का आयोजन किया गया। किसान नेताओं ने बीजेपी को 2022 और 2024 के चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी दी है। बीकेयू नेता चन्दरबीर फौजी ने कहा कि राकेश टिकैत के हर आंसू का हिसाब सरकार से लिया जाएगा। महापंचायत में अन्‍य राज्‍यों के किसान भी पहुंचे हैं।

‘ब‍िजनौर से धरना प्रदर्शन में जाने वाले किसानों पर होगी कार्रवाई’

बिजनौर में किसान नेताओं ने गाजीपुर में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में नारे लगाए और कहा कि वे लोग वहां जरूर जाएंगे। विजय नाम के एक किसान नेता ने पत्रकारों से कहा कि उन्‍हें यकीन है कि प्रशासन उनका समर्थन करेगा, वह अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। बता दें, ब‍िजनौर में पुलिस ने साफ तौर पर कह दिया है कि अगर कोई किसान प्रदर्शन स्थल की ओर ट्रैक्टर, चार पहिया या दो पहिया वाहन से जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कई रास्‍तों पर बैरिकेड्स लगा रखे हैं और सड़क पर आने-जानेवाली गाड़ियों का जांच कर रही है।