नई दिल्ली, 10 मई 2021

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तकनीकी खराबी के कारण कोविड-19 (महामारी के दौरान आवश्यक आपूर्ति और सेवाओं का वितरण) के प्रबंधन पर स्वत: संज्ञान संबंधित मुद्दों पर होने वाली सुनवाई 13 मई तक के लिए स्थगित कर दी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़, एल. एन. राव और एस. रवींद्र भट की पीठ ने कहा कि सर्वर डाउन है।

पीठ ने कहा, हम न्यायाधीशों ने आपस में चर्चा की है और गुरुवार को मामले पर सुनवाई करने का फैसला किया है।

शीर्ष अदालत को केंद्र के हलफनामे पर सुनवाई करनी थी, जो रविवार देर रात दायर किया गया था। न्यायमूर्ति भट ने कहा कि कंट्रोल रूम डाउन है, इसलिए गुरुवार को कोविड-19 प्रबंधन से जुड़े सभी मामलों पर सुनवाई की जाएगी।

पीठ ने कहा कि न्यायाधीश और मामले में एमिकस क्यूरी को मामले में केंद्र की प्रतिक्रिया की जांच करने का समय मिलेगा।

सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने केंद्र के हलफनामे के संबंध में समाचार रिपोटरें का हवाला दिया और कहा कि पीठ के दो न्यायाधीशों ने सोमवार सुबह केंद्र के हलफनामे को प्राप्त किया था।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, मुझे देर रात हलफनामा मिला, लेकिन मेरे साथी न्यायाधीशों ने सुबह ही इसे प्राप्त किया है।

केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया कि हलफनामा दायर करने के बाद, उन्होंने राज्य को प्रतिलिपि (कॉपी) प्रदान की।

शीर्ष अदालत ने 30 अप्रैल को केंद्र को निर्देश दिया था कि वह राज्य सरकारों के सहयोग से आपातकालीन उद्देश्यों के लिए ऑक्सीजन बफर स्टॉक तैयार करे।

सुप्रीम कोर्ट में देर रात प्रस्तुत हलफनामे में केंद्र ने अपनी कोविड टीकाकरण नीति का बचाव किया, जिसमें अंतर मूल्य निर्धारण, खुराक की कमी और धीमी गति से रोलआउट के लिए उसकी आलोचना की गई है।

इससे पहले कोरोनावायरस के संक्रमण की तेज रफ्तार और महामारी को लेकर मचे कोहराम पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था और पूछा था कि महामारी से निपटने के लिए आपके पास क्या तैयारी है और क्या योजना है।

बता दें कि देशभर में कोरोना के रोज बढ़ते मामले और साथ में दवाओं-ऑक्सीजन के लिए मचे हाहाकार के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर सख्ती दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस भेजकर जवाब भी मांगा है। हाईकोर्ट में कोरोना से जुड़े मामलों की सुनवाई को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

अदालत ने केंद्र से कहा है कि वह कोरोना से लड़ने के लिए अपनी राष्ट्रीय स्तर पर तैयार की योजना बताए। अदालत ने केंद्र सरकार से चार बिंदुओं पर जवाब मांगा है।