गुवाहाटी, 13 मार्च 2021

असम में विधानसभा चुनावों के लिए महागठबंधन या ‘महाजोत’ का नेतृत्व कर रही कांग्रेस ने बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाली पार्टी AIUDF के साथ गठबंधन पर दावा किया है कि चुनावों में किसी तरह का भी सांप्रदायिक रवैया अपनाने को लेकर पहले से ‘लक्ष्मण रेखा खींच दी गई है.’

कांग्रेस के लोकसभा सांसद और पार्टी के राज्य में कैंपेन समिति के अध्यक्ष प्रद्युत बॉर्दोलोई ने बीजेपी की ओर से किए जा रहे हमलों के बीच NDTV से कहा, ‘एआईयूडीएफ (ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) बस हमारे कई गठबंधन सहयोगियों में से एक है. गठबंधन में हम साल प्रोग्रेसिव पार्टियां हैं- आंचलिक गण परिषद, लेफ्ट और बीपीएफ. और भी कई आ रहे हैं. अगर हमने किसी सांप्रदायिक संगठन से हाथ मिलाया होता तो और लोग नहीं आते. और अगर एआईयूडीएफ भविष्य में कभी सांप्रदायिक रुख अपनाता है, तो हम उनसे कोई नाता नहीं रखेंगे, इसलिए एक लक्ष्मण रेखा खींच दी गई है.’

बता दें कि कांग्रेस का यह दावा ऐसे वक्त में आया है, जब ट्विटर ने ऐसे दो ट्विटर अकाउंट्स- लीगल राइट्स ऑब्जर्वटोरी (जिसके RSS से जुड़े होने के शक हैं) और Voice of Axom को निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, असम पुलिस ने असम में गठबंधन को लेकर सोशल मीडिया पर एक डॉक्टर्ड वीडियो शेयर किए जाने की जानकारी दी थी. यह वीडियो इन अकाउंट्स पर मंगलवार को शेयर किया गया था. इस वीडियो में ऐसा दिखाने की कोशिश की गई थी कि एआईयूडीएफ के चीफ बदरूद्दीन अजमल ने कहा था कि ‘कांग्रेस और उनकी पार्टी का गठबंधन भारत को एक इस्लामिक राष्ट्र में बदल देगा.’

इस पर बचाव करते हुए बॉर्दोलोई ने कहा, ‘हमने कभी नहीं कहा है कि एआईयूडीएफ एक सांप्रदायिक पार्टी है. बीजेपी की तरह, अजमल धार्मिक जहर नहीं उगलते हैं. उनकी पार्टी हमेशा अपने समुदाय को, जो कमजोर और पिछड़ा है, आगे बढ़ाने की वकालत करती है. लेकिन ऐसा करने की कोशिश में वो कभी कोई नफरत या जहर नहीं उगलते हैं. उन्होंने कभी हिंदुओं या मंदिरों को बरबाद करने की बात नहीं की है. हम यह गठबंधन कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के साथ बना रहे हैं.

बता दें कि BJP ने बदरुद्दीन अजमल को ‘सांप्रदायिक’ होने का टैग दिया है और उनके साथ गठबंधन करने पर कांग्रेस पर सवाल उठा रही है. असम में 27 मार्च से चुनाव शुरू हो रहे हैं. यहां तीन चरणों में मतदान होना है.