नई दिल्ली, 5जनवरी 2021

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) समारोह में शामिल नहीं होंगे. रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूके के पीएम ने भारत का दौरा रद्द कर दिया है. वे 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के तौर पर आने वाले थे. दरअसल, ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि यूके ने बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया है. कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के तेजी से फैलते खतरे के बीच ब्रिटेन ने सख्त लॉकडाउन लागू किया है और मंगलवार को प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि संक्रमण जितनी तेजी से फैल रहा है वह ‘बहुत दुखी करने वाला और चिंताजनक’ है और फिलहाल देश के अस्पतालों पर महामारी का सबसे ज्यादा दबाव है.

महामारी की नयी लहर से निपटने के लिए सभी स्कूलों और व्यवसायों को बंद करने संबंधी स्कॉटलैंड का नया कानून मंगलवार से प्रभावी हुआ जबकि ब्रिटेन का कानून बुधवार सुबह से प्रभावी होगा. इसबीच, जॉनसन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे घर से काम करने के नियमों का कड़ाई से पालन करें. नए कानून के फरवरी मध्य तक प्रभावी रहने की संभावना है. टीकाकरण और संक्रमण की दर के आधार पर इसकी समीक्षा की जाएगी. सोमवार की रात टीवी पर देश के नाम संबोधन में जॉनसन ने कहा, ‘हमारे वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि नया स्ट्रेन (प्रकार) 50 से 70 प्रतिशत तक ज्यादा संक्रामक है… इसका अर्थ है कि आपके इससे संक्रमित होने और दूसरों को संक्रमित करने की आशंका बहुत-बहुत ज्यादा है

उन्होंने कहा, ‘हमें राष्ट्रव्यापी सख्त लॉकडाउन लागू करना होगा ताकि इस स्ट्रेन को नियंत्रित कर सकें. इसका अर्थ है कि सरकार एक बार फिर आपको घर के भीतर रहने का निर्देश दे रही है. आप कानूनी मंजूरी के तहत सिर्फ कुछ ही कारणों से जैसे जरुरी चीजों की खरीददारी के लिए, अगर आप बिल्कुल घर से काम नहीं कर पा रहे हों तो दफ्तर जाने के लिए, इलाज या जांच के लिए या फिर घरेलू हिंसा से बचने के लिए घर से बाहर निकल सकते हैं.’

गणतंत्र दिवस परेड में बदलाव की संभावना, छोटी होंगी टुकड़ियां, दर्शक भी होंगे कम
कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर अगले महीने राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में कई सारे बदलाव किए जाने की संभावना है. परेड में हिस्सा लेने वाली टुकड़ियों के आकार को घटाया जाएगा, परेड की दूरी कम की जाएगी और पूर्व के वर्षों की तुलना में कम लोगों की मौजूदगी रहेगी. सूत्रों ने बुधवार को इस बारे में बताया. हर साल भारत राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में अपनी सैन्य ताकत, समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक-आर्थिक उन्नति की झांकी पेश करता है.