कौन है कमल सिंह, जिसने फारूक अब्दुल्ला पर तानी बंदूक? 20 साल से कर रहा था इंतजार

कौन है कमल सिंह, जिसने फारूक अब्दुल्ला पर तानी बंदूक? 20 साल से कर रहा था इंतजार

द फ्रंट डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले ने पूरे देश को चौंका दिया है। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह के दौरान हुई, जहां फारूक अब्दुल्ला डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी के साथ पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान अचानक भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति उनके बेहद करीब पहुंच गया और पिस्तौल तानकर गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया और हमलावर को मौके पर ही पकड़ लिया गया। घटना के सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला सिर्फ व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी हो सकती है।

कौन है आरोपी कमल सिंह और क्या है उसका बैकग्राउंड?

पुलिस के मुताबिक हमलावर की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में हुई है। वह जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला है। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से पिस्तौल भी बरामद कर ली गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला दावा किया। उसने पुलिस को बताया कि वह करीब 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने का मौका तलाश रहा था। आरोपी का कहना है कि शादी समारोह के दौरान उसे मौका मिला और उसने हमला करने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कमल सिंह के पास लाइसेंसी पिस्तौल थी। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना के समय वह कथित तौर पर नशे की हालत में भी था। फिलहाल पुलिस उसकी मानसिक स्थिति, उसके सामाजिक और राजनीतिक संपर्कों तथा संभावित पृष्ठभूमि की जांच कर रही है।

कैसे हुआ हमला ? CCTV में कैद पूरी घटना

इस पूरी घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमले का पूरा घटनाक्रम साफ दिखाई देता है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही फारूक अब्दुल्ला समारोह से बाहर निकलते हैं, आरोपी पीछे से उनके करीब आता है और अचानक पिस्तौल निकालकर उनके सिर के पास तान देता है। इसके बाद वह गोली चलाने की कोशिश करता है, लेकिन मौके पर मौजूद NSG और जम्मू-कश्मीर पुलिस के सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आ जाते हैं। कमांडो तेजी से आरोपी का हाथ पकड़ लेते हैं, जिससे गोली निशाने से चूक जाती है। कुछ ही सेकंड में सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को जमीन पर गिराकर काबू कर लिया। इस दौरान समारोह में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बाद में लोगों ने भी सुरक्षाकर्मियों की मदद से आरोपी को घेर लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

उमर अब्दुल्ला का बयान और सुरक्षा पर उठे सवाल

हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि “अल्लाह मेहरबान है, मेरे पिता बाल-बाल बच गए।” उमर अब्दुल्ला ने बताया कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल लेकर फारूक अब्दुल्ला के बेहद करीब पहुंच गया और गोली चलाने की कोशिश की। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा दल ने समय रहते हमले को नाकाम कर दिया। हालांकि उन्होंने इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक भी बताया और सवाल उठाया कि NSG जैसी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कोई व्यक्ति हथियार लेकर इतने करीब कैसे पहुंच गया। उन्होंने पूरे मामले की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

जम्मू पुलिस के अनुसार यह घटना रॉयल पार्क, ग्रेटर कैलाश में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हुई। पुलिस ने बताया कि आरोपी कमल सिंह, पिता अजीत सिंह, निवासी पुरानी मंडी, जम्मू है और उसके पास से बरामद पिस्तौल को जब्त कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसके इरादों के पीछे कोई व्यक्तिगत कारण था या इसके पीछे कोई संगठित साजिश भी हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियां उसके कॉल रिकॉर्ड, संपर्कों और पिछले गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। इस घटना में डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी को भी हल्की चोट आई, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की जा रही है।

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