द फ्रंट डेस्क: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। तेल और गैस आपूर्ति में संभावित बाधा के कारण देश में एलपीजी संकट की आशंका बढ़ गई है। गैस कंपनियों ने पहले ही कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं, जबकि कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता कम होने से होटल-रेस्टोरेंट से लेकर छोटे कारोबारियों तक की चिंता बढ़ गई है। इसका सीधा असर आम लोगों के रोजमर्रा के खर्च और खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर पड़ रहा है।
मिडिल ईस्ट तनाव और भारत में LPG संकट
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध भारत से करीब 3000 किलोमीटर दूर है, लेकिन इसका असर यहां तक पहुंचने लगा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। भारत की घरेलू एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात से पूरा होता है और इन आयातों का करीब 85-90 प्रतिशत हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता है। हॉर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल और गैस परिवहन का एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। मौजूदा तनाव के कारण इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है, जिससे तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबी चली तो भारत में एलपीजी की उपलब्धता और कीमत दोनों पर असर पड़ सकता है।

LPG संकट का असर: कई शहरों में होटल-रेस्टोरेंट बंद, कारोबार प्रभावित
एलपीजी संकट का सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों और होटल-रेस्टोरेंट सेक्टर पर दिखाई दे रहा है। चाय की दुकानों, ढाबों और छोटे खाने-पीने के कारोबार में कमर्शियल गैस सिलेंडर सबसे जरूरी होता है, लेकिन दिल्ली और नोएडा समेत कई शहरों में सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि सिलेंडर लेने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है और कई बार तय कीमत पर भी सिलेंडर नहीं मिल रहा। 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर अब 2500 से 2800 रुपये तक पहुंच गया है और कुछ जगहों पर इसके लिए बोली तक लगने की बात सामने आई है। अमेरिका-ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे शहरों में नीले सिलेंडर की सप्लाई घट गई है। मुंबई में गैस की कमी से जैकब सर्कल का मशहूर होटल फ्री इंडिया समेत कई रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं या सेवाएं सीमित करनी पड़ी हैं। इंडस्ट्री संगठनों के अनुसार मुंबई में करीब 20% होटल-रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं।

चाय से लेकर गोलगप्पे तक बढ़े दाम
गैस सिलेंडर की कमी का असर अब खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर चाय की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी हुई है। जो चाय पहले 10 रुपये में मिलती थी, वह अब 15 से 20 रुपये तक पहुंच गई है। सिर्फ चाय ही नहीं, बल्कि नाश्ते और स्ट्रीट फूड की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। पहले 25 रुपये में मिलने वाली पूरी-सब्जी की प्लेट अब 30 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं गोलगप्पों की प्लेट भी महंगी हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलेंडर महंगा होने के कारण उन्हें मजबूरी में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़े हैं।

रेस्टोरेंट सेक्टर पर भी संकट की मार
एलपीजी संकट का असर बड़े होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी पड़ रहा है। कई रेस्टोरेंट ने अपने मेन्यू में बदलाव करना शुरू कर दिया है। कुछ जगहों पर खाने की कीमतें बढ़ा दी गई हैं, जबकि कुछ रेस्टोरेंट ने गैस की खपत कम करने के लिए सीमित मेन्यू अपनाया है। कई होटल और रेस्टोरेंट अब खाना पकाने के लिए गैस सिलेंडर की जगह इलेक्ट्रिक तंदूर और इंडक्शन जैसे विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। हालांकि इससे लागत और संचालन दोनों पर असर पड़ रहा है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के मुताबिक यदि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो होटल-रेस्टोरेंट सेक्टर को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
दिल्ली हाईकोर्ट में गैस खत्म, कैंटीन का मेन कोर्स बंद
देश में एलपीजी गैस की किल्लत का असर अब दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। गैस सिलेंडर की कमी के कारण हाईकोर्ट परिसर में चलने वाली वकीलों की कैंटीन में मेन कोर्स अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। कैंटीन प्रबंधन के अनुसार, एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई समय पर नहीं हो पाने के कारण खाना बनाने में दिक्कत आ रही है, जिससे नियमित भोजन तैयार करना संभव नहीं हो पा रहा। कैंटीन संचालकों का कहना है कि उन्हें अभी तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है कि गैस की सप्लाई कब तक सामान्य होगी। ऐसे में स्थिति सामान्य होने तक मेन कोर्स बंद रखने का फैसला लिया गया है।

अयोध्या में श्री राम रसोई का भोजन वितरण रुका
घरेलू एलपीजी गैस की कमी का असर अब उत्तर प्रदेश की राम नगरी अयोध्या में भी दिखाई देने लगा है। राम मंदिर के पास अमावा मंदिर परिसर में संचालित श्री राम रसोई में गैस की गंभीर किल्लत के चलते भोजन वितरण की व्यवस्था फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दी गई है। यह रसोई श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराने के लिए जानी जाती है, लेकिन एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण यहां भोजन बनाना मुश्किल हो गया है। बताया जा रहा है कि गैस सप्लाई प्रभावित होने के कारण रसोई में खाना बनाने के लिए पर्याप्त सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इसी वजह से प्रबंधन को यह सेवा अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लेना पड़ा। रसोई से जुड़े लोगों का कहना है कि जैसे ही गैस की सप्लाई सामान्य होगी, भोजन वितरण की सेवा फिर से शुरू कर दी जाएगी।

अगर संकट लंबा चला तो बढ़ सकती है महंगाई
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो इसका असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति और महंगाई पर पड़ सकता है। एलपीजी की कमी से न केवल घरेलू उपभोक्ता प्रभावित होंगे बल्कि होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड जैसे छोटे कारोबार भी संकट में आ सकते हैं। सरकार ने स्थिति पर नजर रखते हुए तेल कंपनियों को एलपीजी आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और सप्लाई की समीक्षा के लिए एक समिति भी बनाई है। हालांकि जमीनी स्तर पर दुकानदारों और कारोबारियों का कहना है कि स्थिति पहले ही मुश्किल हो चुकी है। अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजें और महंगी हो सकती हैं।




