अमेरिकी विदेश विभाग ने 8 जनवरी 2026 को अपने नागरिकों के लिए एक सख्त ग्लोबल ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। डोनाल्ड ट्रंप सरकार की ओर से जारी इस चेतावनी में 21 देशों को सबसे गंभीर श्रेणी लेवल-4 ‘डू नॉट ट्रैवल’ में रखा गया है। इसका मतलब है कि अमेरिकी नागरिकों को इन देशों में किसी भी हाल में यात्रा न करने की सलाह दी गई है। इस फैसले की जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग के ब्यूरो ऑफ कांसुलर अफेयर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक पोस्ट के जरिए साझा की है।
क्या होता है लेवल-4 ट्रैवल एडवाइजरी
अमेरिकी विदेश विभाग दुनियाभर के देशों के लिए चार स्तरों में ट्रैवल एडवाइजरी जारी करता है। लेवल-1 सामान्य सावधानी बरतने की सलाह देता है, लेवल-2 में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है, लेवल-3 में यात्रा पर दोबारा सोचने की सलाह दी जाती है, जबकि लेवल-4 का मतलब होता है कि उस देश में बिल्कुल यात्रा न की जाए। विदेश विभाग के मुताबिक, लेवल-4 तब लागू किया जाता है जब किसी देश में सुरक्षा हालात बेहद खराब हों या वहां अमेरिकी नागरिकों तक मदद पहुंचाने की क्षमता सीमित हो। ऐसे देशों में सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, राजनीतिक अस्थिरता, अपहरण और गंभीर हिंसा जैसे खतरे होते हैं।
किन 21 देशों को ‘डू नॉट ट्रैवल’ लिस्ट में रखा गया
अमेरिका की इस नई ट्रैवल एडवाइजरी में जिन 21 देशों की यात्रा से बचने को कहा गया है, उनमें अफगानिस्तान, बेलारूस, बुर्किना फासो, म्यांमार, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, हैती, ईरान, इराक, लेबनान, लीबिया, माली, नाइजर, उत्तर कोरिया, रूस, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरिया, यूक्रेन, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि इन देशों में मौजूदा सुरक्षा हालात अमेरिकी नागरिकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
क्या अमेरिका किसी भी देश को इस लिस्ट में डाल सकता है
अमेरिकी कानून के तहत विदेश विभाग को यह अधिकार है कि वह सुरक्षा हालात, स्थानीय परिस्थितियों और कांसुलर सहायता की उपलब्धता के आधार पर किसी भी देश की ट्रैवल रेटिंग तय कर सके। अगर किसी देश में हालात बिगड़ते हैं तो उसे लेवल-4 कैटेगरी में डाला जा सकता है, वहीं स्थिति में सुधार होने पर उसे इस सूची से हटाया भी जा सकता है।
इस ट्रैवल एडवाइजरी में भारत और पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है। यानी अमेरिका ने इन दोनों देशों के लिए फिलहाल कोई लेवल-4 चेतावनी जारी नहीं की है।




