यरुशलम। इस्राइल ने लेबनान से सटी अपनी सीमा से नागरिकों को हटाना शुरू कर दिया है। बताया गया है कि वह देश के उत्तर में लेबनान की सीमा से दो किलोमीटर अंदर तक के इलाके में रहने वाले 28 समुदायों को हटा रहा है और उन्हें सुरक्षित इलाकों में सरकारी गेस्ट हाउस में रखना शुरू कर रहा है।
गौरतलब है कि इस्राइल पर बीते कुछ दिनों में गाजा पट्टी के अलावा लेबनान की तरफ से भी रॉकेट दागे गए हैं। इस्राइल का कहना है कि यह हमले ईरान समर्थित हिज्बुल्ला संगठन की ओर से किए गए हैं और इनका माकूल जवाब भी दिया जा रहा है। ऐसे में इस्राइल का ताजा कदम हिज्बुल्ला के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
इस्राइल के रक्षा मंत्रालय की आपात प्रबंधन सेवा ने कहा कि लेबनान सीमा से सैन्य बलों ने लोगों को हटाना शुरू कर दिया है। इससे पहले लेबनान बॉर्डर की तरफ से हुए हमलों में इस्राइल के एक नागरिक की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य के घायल होने की बात सामने आई थी। इसके बाद इस्राइली वायुसेना ने कहा था कि उसने लेबनान में हिज्बुल्ला के कुछ ठिकानों पर बमबारी की है।
क्या है हिज्बुल्ला?
हिज्बुल्ला एक आतंकी संगठन है, जो लेबनान में मौजूद है। इसे 1975 से 1990 तक चले लेबनान गृहयुद्ध की उपज माना जाता है। 1982 में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने इसकी स्थापना की। इसका लक्ष्य ईरान में हुई इस्लामी क्रांति दूसरे देशों में फैलाना और लेबनान में लड़ रही इस्राइली सेना के खिलाफ एक संगठन खड़ा करना था।
अमेरिकी राष्ट्रीय आतंक निरोधक केंद्र (US NCTC) के मुताबिक, हिज्बुल्ला कई आतंकवादी हमलों में शामिल रहा है, जिसमें अप्रैल 1983 में बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर आत्मघाती ट्रक बम विस्फोट, अक्तूबर 1983 में बेरूत में अमेरिकी मरीन बैरक और सितंबर 1984 में बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर हमला शामिल है। इसके साथ ही 1985 में TWA 847 विमान का अपहरण और 1996 में सऊदी अरब में खोबार टावर्स पर हमला भी इसी द्वारा किया गया था।




