India China Talks : एलएसी पर गतिरोध के बीच 13 घंटे चली भारत और चीन की सैन्य वार्ता, जानिए किन मुद्दों पर रहा जोर

नई दिल्ली, भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के चुशुल में कोर कमांडर स्तर की 15वीं वार्ता लगभग 13 घंटे तक चली। शुक्रवार रात 11 बजे दोनों देशों के सैन्य कोर कमांडरों की वार्ता समाप्त हुई। भारतीय सेना के सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष ने अप्रैल-मई 2020 में शुरू हुए सैन्य गतिरोध को दूर करने के लिए क्षेत्र में शेष घर्षण बिंदुओं के समाधान पर जोर दिया है। नवीनतम दौर की वार्ता पूर्वी लद्दाख के चुशुल में हुई है।

टकराव वाले शेष स्थानों पर जल्द से जल्द सेना हटाने पर भारत ने दिया जोर

सूत्रों के अनुसार सैन्य कोर- कमांडर स्तर की वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के भारतीय हिस्से में चुशुल-मोल्दो ‘बार्डर प्वाइंट’ पर सुबह 10 बजे शुरू हुई थी। यह पता चला है कि भारतीय पक्ष ने ‘देपसांग बल्ज’ और डेमचोक में मुद्दों को हल करने समेत टकराव वाले शेष स्थानों पर जल्द से जल्द सेना को हटाने पर जोर दिया है।

दोनों देशों के बीच एलएसी पर इन मुद्दों पर हो चुका है समाधान

बता दें कि भारत और चीन गतिरोध को हल करने के लिए पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी)’ पर बातचीत कर रहे हैं। अब तक हुई बातचीत के परिणामस्वरूप पैंगोंग त्सो, गालवान और गोगरा हाट स्प्रिंग क्षेत्रों के उत्तर और दक्षिण बैंक का समाधान हुआ है।

अब तक 14 दौर की हो चुकी है वार्ता

गौरतलब है जून 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प के बाद से एलएसी पर तनाव बना हुआ है। तब से लेकर अब तक भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख से सटी लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल पर विवाद चल रहा है। विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच 14 दौर की वार्ता हो चुकी है। दोनों देशों के वार्ता के बीच भारत ने एलएसी पर अपनी सेना को पहले से कहीं ज्यादा चौकन्ना कर दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Popular

More like this
Related