गोरखपुर, 6 नवंबर 2021

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन इसी महीने होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी एक्‍सप्रेस वे का प्रेजेंटेशन देख चुके हैं। यह एक्‍सप्रेस वे पूर्वांचल के विकास की रफ्तार को तेज कर देगा। करीब 60 लाख लोगों को रोजगार मिलने का रास्‍ता साफ होगा।

एक्‍सप्रेस वे के बारे में यह जानकारी खुद सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने शुक्रवार की शाम गोरखनाथ मंदिर में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान दी। अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम योगी ने कहा कि पिछले साढ़े चार में उत्‍तर प्रदेश में साढ़े चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। सरकारी नौकरियों में इतनी पारदर्शिता से दी गई कि कोई अंगुली नहीं उठा सकता।

मुख्यमंत्री योगी ने साढ़े चार साल के अपने कार्यकाल में प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जो कुछ कहा था, सरकार बनने के साढ़े चार वर्षों में प्रत्येक क्षेत्र में उसे करके दिखा दिया है। आदित्यनाथ ने कहा, वर्ष 2017 में जब हम सरकार में आए तो सबसे बदतर स्थिति कानून व्यवस्था की थी लेकिन आज उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरे देश में नजीर है। साढ़े चार वर्षों में कोई दंगा नहीं हुआ। दीपावली समेत सभी पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हुए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शुक्रवार की शाम गोरखनाथ मंदिर में मीडिया कर्मियों से दीपावली मिलन समारोह में अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उन्हों ने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन वैश्विक मंच पर छा गया है। दिवाली तो हमारे आने के पहले से भी मनाई जाती रही है, प्रयागराज में कुंभ भी पहली बार नहीं हुआ था लेकिन तब उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। अयोध्या के दीपोत्सव, प्रयागराज के भव्य-दिव्य कुम्भ जैसे आयोजनों, बेहतर कानून व्यवस्था, निवेश और रोजगार के भरपूर अवसरों, जनकल्याणकारी योजनाओं और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक उनके क्रियान्वयन से हमने उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट से मुक्ति दिलाई है। आज उत्तर प्रदेश का व्यक्ति कहीं भी जाए उसे सम्मान की निगाह से देखा जाएगा।

यूपी को बनाया निवेश के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े चार साल में उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है। मोबाइल डिस्प्ले बनाने वाली कम्पनी भारत में नहीं थी, चीन में थी। कोरोनाकाल में इसे यूपी में लाए। पहले भारत से निवेश बाहर जाता था, आज बाहर से निवेश भारत में आ रहा है। इसमें भी उत्तर प्रदेश ‘बेस्ट डेस्टिनेशन’ बना है। शानदार रोड कनेक्टिविटी और सुरक्षा की गारंटी का इसमे बड़ा योगदान है। पहले कहा जाता था कि जहां सड़क में गड्ढे शुरू हों, वहीं यूपी है लेकिन आज यूपी की पहचान एक्सप्रेस वे और फोरलेन सड़कों के संजाल से होती है।

खाद्यान्न वितरण में यूपी पूरे देश मे अव्वल

सीएम ने मार्च 2017 से पहले खाद्यान्न वितरण में भ्रष्टाचार, कई जिलों में खाद्यान्न चोरी और राशन के अभाव में कुशीनगर में मुसहरों की भूख से मौत का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार बनाते ही हमने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की जांच का आदेश दिया। इसमें 40 लाख राशन कार्ड ऐसे ऐसे मिले जिन पर राशन तो निकल रहा था लेकिन जिसके नाम से कार्ड था उस व्यक्ति को पता ही नहीं था। खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए राशन की 80 हजार दुकानों में ईपास मशीन की व्यवस्था की गई। कोरोना की पहली लहर के बाद खाद्यान्न वितरण की जांच करने भारत सरकार की टीम आई थी। इसमें एक भी शिकायत नहीं मिली। यूपी ऐसा अकेला राज्य है जहां राशन वितरण व्यवस्था को लेकर 97 प्रतिशत लोगों ने संतुष्टि जताई है। दूसरे स्थान पर जो राज्य है वहां यह आंकड़ा 54 फ़ीसदी पर ही है। ‘कॉमन मैन’ के जीवन में परिवर्तन कैसे लाया जा सकता है, उत्तर प्रदेश में इसे देखा जा सकता है।

खरीदा 22 रुपये यूनिट बिजली पर नहीं होने दी किल्लत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के बारे में कहा जाता था कि जहां से अंधेरा शुरू होता है वह यूपी है।। आज यह धारणा उलट गई है। पूरे उत्तर प्रदेश में बिना भेदभाव के पर्याप्त बिजली आपूर्ति हो रही है। कोयला संकट के दौरान प्रदेश ने 22 रुपए प्रति यूनिट तक की दर से बिजली खरीदी गई लेकिन राज्य के लोगों को कोई परेशानी नहीं होने दी।