मोरबी का पुल ढहना हादसा या कोई गहरी साजिश, घटना से पहले किए गए थे ये 3 रहस्यमयी tweet, कुछ चौंकाने वाली बातें

अहमदाबाद. गुजरात के मोरबी शहर में माच्छू नदी पर रविवार(30 अक्टूबर) शाम 140 साल पुराने पुल के ढह जाने(Gujarat Bridge collapse) से हुई भीषण घटना को लेकर अब किसी गहरी साजिश की ‘बू’ आने लगी है। हालांकि यह श्योर नहीं है, लेकिन हादसे से पहले सामने आए 3 विवादास्पद tweet ने इसे लेकर शंका जाहिर की है। इसमें से 2 tweet AAP लीडर के हैं। इस हादसे में करीब 140 से अधिक लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है। इसमें से कई महिलाएं और बच्चे हैं। इस मामले में पुलिस ने पुल का मेंटेनेंस करने वाली कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की है।पुलिस ने 9 लोगाें को अरेस्ट किया है। हादसे के दौरान मोरबी पुल के रास्ते में 500 लोग चढ़े हुए थे। इस बीच प्रधानमंत्री 1 नवंबर को दोपहर एक बजे मोरबी जाएंगे। पढ़िए चौंकाने वाले tweets

भाजपा नेता ने उठाए सवाल
मोरबी हादसे से पहले अलग-अलग लोगों ने twitter पर तीन पोस्ट की की थीं, इनकी भाषाशैली रहस्यमयी और संदेशास्पद है। ये तीनों ही tweet मोदी गुजरात दौरे पर पहुंचने से पहले यानी 28 अक्टूबर को किए गए थे। एक ट़्वीट में  AAP विधायक नरेश बाल्यान ने लिखा-‘कल भाजपा को गुजरात में तगड़ा झटका लगेगा।’

यह ट्वीट संदेह के घेरे में आ गया है। बीजेपी विधायक राम कदम ने इस ट्वीट पर सवाल उठाते कहा कि गुजरात सरकार “आप’ नेता नरेश बाल्यान  के बयान का संज्ञान ले। इसकी जांच हो। यह गंभीर बयान है, क्या  मोरबी ब्रिज हादसे से इसका कोई संबंध है? क्या यह षड्यंत्र या कोई साजिश है? क्यों की ब्रिज गिरने से पहले जिस प्रकार से हिल रहा था .और ये महाशय का एक दिन पूर्व ट्वीट? संजोग या ? कोई षड्यंत्र?

ऐसा ही एक विवादास्पद tweet AAP गुजरात के प्रदेश प्रवक्ता मिहिर पटेल ने भी किया था। उन्होंने लिखा-कल गुजरात की सियासत में दो बड़े धमाके होंगे। कल भाजपा के पैर से जमीन खिसकने वाली है.

इसी तरह का तीसरा हेट स्पीच से भरा tweet किसलय नामक यूजर ने किया। यह खुद को IndianThinks.com का फाउंडर बताता है। इसने पोस्ट में लिखा-कल बीजेपी गुजरात की कब्र खोदी जाएगी !! रंगा बिल्ला तैयार रहें!

घटना से जुड़ीं कुछ महत्वपूर्ण बातें
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की है। हादसे के बाद से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस बीच मामले की जांच के लिए सोमवार को घटनास्थल पर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम(SIT) भी पहुंची।

हादसे में 190 से अधिक मौतों की खबर है। जब यह पुलि टूटा, तब उस पर 500 से अधिक लोग चढ़े हुए थे। मोरबी की पहचान यह ब्रिज 143 साल पुराना बताया जाता है। यह 1.25 मीटर (4.6 फीट) चौड़ा है। लंबाई 233 मीटर (765 फीट) थी। 

कंपनी ने मेंटेनेंस के बाद पुल खोलने नगरपालिका के इंजीनियरों से उनका वेरिफिकेशन तक कराना मुनासिब नहीं समझा। न ही फिटनेस स्पेसिफिकेशन सर्टिफिकेट लिया। बिना परमिशन 26 अक्टूबर को ओरेवा कंपनी के MD जयसुख पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पुल चालू करने का ऐलान कर दिया। जिस अंजता ओरेवा ग्रुप को पुल के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, इसे इस काम का अनुभव नहीं है। यह इलेक्ट्रॉनिक घड़ियां, कैलकुलेटर, घरेलू उपकरणों और एलईडी बल्ब बनाती है। ओरेवा ने सालभर पहले वारंटी वाले एलईडी बल्ब बेचने की शुरुआत की थी। नगर पालिका के CMO संदीप सिंह झाला ने स्वीकार कि कंपनी के कामकाज की निगरानी ठीक से नहीं हो सकी।

मोरबी हादसे में ब्रिज के टिकट का एक फोटो वायरल हुआ है। इस पर साफ लिखा है कि अगर पुल को कोई पर्यटक नुकसान पहुंचाएगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं टिकट पर दो कीमतें-12 और 17 रुपए लिखा है। इसमें लिखा है कि टिकट मांगे जाने पर दिखाएं। Exit के बाद दुबारा टिकट मान्य नहीं होगा। सवाल यह है कि जब पुल की क्षमता 100 लोगों की है, फिर 500 टिकट कैसे बेचे गए?

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