समरकंद। उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन (SCO summit 2022) में शामिल होने आए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने अपनी बेइज्जती करवा बैठे। वह अपना हेडफोन ठीक करते रहे। इस दौरान पुतिन की बातों को समझ नहीं सके।
शिखर सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी। व्लादिमीर पुतिन और शहबाज शरीफ एक साथ बैठे थे। इस दौरान शहबाज शरीफ अपने हेडफोन के साथ संघर्ष करते देखे गए। इसके चलते वह सोशल मीडिया यूजर्स के बीच हंसी का पात्र बन गए हैं।
शहबाज को देख पुतिन को आ गई हंसी
वीडियो में दिख रहा है कि व्लादिमीर पुतिन अपने कान पर हेडफोन लगाकर बातचीत के लिए तैयार बैठे हैं। दूसरी ओर शहबाज शरीफ पहले अपने हेडफोन के तार को खींचकर सीधा करते हैं। इसके बाद उसे अपने कान पर लगाने की कोशिश करते हैं। हेडफोन कान पर नहीं लगता तो वह दूसरे कान पर उसे लगाने की कोशिश करते हैं। इस दौरान पुतिन कुछ बोलते हैं, लेकिन शहबाज उसे समझ नहीं पाते हैं। https://static.asianetnews.com/twitter-iframe/show.html?url=https://twitter.com/dhairyam14/status/1570405947838955520?ref_src=twsrc%5Etfw
शहबाज हेडफोन कान पर लगाने की कोशिश करते रहते हैं, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता। इसके बाद वह मदद मांगते हैं। एक व्यक्ति उनके पास पहुंचता है। वह प्रधानमंत्री के कान पर हेडफोन लगा देता है। इसके बाद पुतिन बोलते हैं। शहबाज उनकी बातों को समझ पाते और कुछ कह पाते इससे पहले एक बार फिर हेडफोन गिर जाता है। इस दौरान पुतिन हंसते हैं और अपना हेडफोन उतार लेते हैं।
पीटीआई ने कहा- पाकिस्तान की शर्मिंदगी का कारण हैं शहबाज
रूसी समाचार एजेंसी आरआईए द्वारा शेयर किए गए वीडियो में शहबाज के हेडफोन के साथ संघर्ष करते समय पुतिन को हंसते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने भी शेयर किया है। पीटीआई ने कहा है कि शहबाज पाकिस्तान की शर्मिंदगी का कारण हैं।
पाकिस्तान के नेशनल असेंबली के पूर्व उपाध्यक्ष और पीटीआई के बलूचिस्तान के प्रांतीय अध्यक्ष कासिम खान सूरी ने एक फोटो शेयर कर शहबाज के प्रतिनिधिमंडल पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा है कि विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी, वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भिखारी की तरह बैठे हुए थे।




