‘मुझे भी मौका मिलना चाहिए… मैं खुद मंत्री बनना चाहता हूं’, कर्नाटक की CM कुर्सी की जंग के बीच दिल्ली पहुँचे 10 विधायक, टीडी राजेगौड़ा का बड़ा बयान

‘मुझे भी मौका मिलना चाहिए… मैं खुद मंत्री बनना चाहता हूं’, कर्नाटक की CM कुर्सी की जंग के बीच दिल्ली पहुँचे 10 विधायक, टीडी राजेगौड़ा का बड़ा बयान

कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर तनाव खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस में उठी इस अंदरूनी हलचल का असर कर्नाटक से निकलकर सीधे दिल्ली तक पहुँच गया है। शिवकुमार के करीबी कई विधायकों ने राजधानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की है।

दिल्ली में शिवकुमार गुट की बढ़ी हलचल

सूत्र बताते हैं कि डीके शिवकुमार के नजदीकी 10 विधायक दिल्ली पहुंचे और खरगे से मुलाकात की। ये मुलाकात ऐसे समय पर हो रही है जब सिद्धारमैया की सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं। समर्थकों की अचानक सक्रियता को नेतृत्व बदलाव की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।हालांकि शिवकुमार ने इन बैठकों से दूरी बनाई है और कहा है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन उनके समर्थकों की दिल्ली में मौजूदगी ने कर्नाटक की CM कुर्सी को लेकर चल रही रेस को और तेज कर दिया है।

टीडी राजेगौड़ा का दावा—’मुझे मौका मिलना चाहिए’

दिल्ली पहुंचे विधायक टीडी राजेगौड़ा ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री बदला जाएगा या नहीं, इसका फैसला हाईकमान करेगा। उन्होंने कहा, “मैं शीर्ष नेतृत्व के साथ हूं। कैबिनेट विस्तार में मुझे पद मिलना चाहिए। मैं खुद मंत्री बनना चाहता हूं और इसी बात के लिए दिल्ली आया हूं। यह बात मैंने आलाकमान को बता दी है।”

सिद्धारमैया का पलटवार—2025 का बजट मैं ही पेश करूंगा

नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बड़ा दावा किया है कि 2025 का बजट वे ही पेश करेंगे। उन्होंने ‘नवंबर क्रांति’ जैसी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह सब मीडिया की कल्पना है। सिद्धारमैया का कहना है कि कांग्रेस ने उन्हें पूरा पांच साल का मौका दिया है और वे पूरा कार्यकाल मुख्यमंत्री रहते हुए पूरा करना चाहते हैं। उनकी मंशा कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक CM रहने वाले नेता बनने की है। अगर वे 2026 तक पद पर टिके रहते हैं तो वे देवराज अर्स का रिकॉर्ड तोड़ देंगे।

शिवकुमार की उम्मीदें और बढ़ता दबाव

उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पिछले कई महीनों से सत्ता में हिस्सेदारी और नेतृत्व परिवर्तन की बात पर भरोसा बनाए हुए हैं। 2023 में सरकार बनने के बाद माना गया था कि ढाई साल बाद नेतृत्व में बदलाव की संभावना है। अब जब यह समय बीत चुका है, शिवकुमार का धड़ा हाईकमान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। एक कार्यक्रम में शिवकुमार ने कहा कि वे हमेशा पार्टी अध्यक्ष नहीं रह सकते। जब समर्थकों ने उन्हें अगला मुख्यमंत्री बताया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “घबराओ मत, मैं लाइन में सबसे आगे हूं।” उनका यह बयान साफ बताता है कि वे मौके का इंतजार कर रहे हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं।

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