बाली(Bali-Indonesia). प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित दुनिया भर के नेता, 17वें समूह 20 (जी20) शिखर सम्मेलन(G20) Summit) के लिए इंडोनेशिया में एकत्रित हुए हैं। समिट बाली शहर में हो रही है। G20 शिखर सम्मेलन 15-16 नवंबर दो दिन चलेगा।
पढ़िए कुछ डिटेल्स…
शिखर सम्मेलन का विषय ‘एक साथ जुटें, मजबूत हो जाएं(Recover Together, Recover Stronger) और अन्य विषयों के साथ ग्लोबल इकोनॉमिक रिकवरी, ग्लोबल हेल्थ आर्किटेक्चर, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सस्टेनेबल एनर्जी और क्लामेट चेंज पर फोकस है। सोमवार(14 नवंबर) को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस(UN Secretary-General Antonio Guterres) ने जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया। जलवायु परिवर्तन को युग का डिफाइनिंग चैलेंस बताते हुए उन्होंने कहा कि जलवायु एकजुटता समझौता(climate solidarity pact) पेरिस समझौते में उल्लिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अनुकूल है। उन्होंने कहा, “जी20 के नेता जलवायु एकजुटता समझौते को बना या बिगाड़ सकते हैं।”
मोदी ने जाने से पहले कहा था
इंडोनेशिया रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि वह वैश्विक चिंता के प्रमुख मुद्दों, जैसे ग्लोबल ग्रोथ, फूड एंड एनर्जी सिक्योरिटी, पर्यावरण, स्वास्थ्य और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को पुनर्जीवित(reviving) करने के लिए अन्य G20 नेताओं के साथ व्यापक चर्चा करेंगे। मोदी ने कहा था-“जी20 शिखर सम्मेलन से इतर मैं कई अन्य प्रतिभागी देशों के नेताओं से मुलाकात करूंगा और उनके साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करूंगा।”
बता दें कि प्रधान मंत्री मोदी इंडोनेशिया में जी20 शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और उन्हें भारत की उभरती जी-20 प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी देंगे। यह G20 शिखर सम्मेलन विशेष रूप से विशेष है, क्योंकि भारत 1 दिसंबर 2022 से एक साल के पीरियड के लिए G20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा।
G20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है। यह सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और विकासात्मक मुद्दों पर ग्लोबल आर्किटेक्चर और गवर्नेंस को आकार देने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत के लिए बाली शिखर सम्मेलन के समापन पर प्रधानमंत्री 16 नवंबर को बाली से प्रस्थान करेंगे।
जानिए G-20 के बारे में
G-20 अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष(International Monetary Fund) और विश्व बैंक के प्रतिनिधियों के साथ 19 देशों तथा यूरोपीय संघ का एक अनौपचारिक समूह है।
ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (G20) दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। G20 सभी महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व करता है। यह विश्व सकल घरेलू उत्पाद का 80%, वैश्विक व्यापार का 75% और विश्व की 60% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।
हाल ही में विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs- MEA) ने घोषणा की कि भारत वर्ष 2023 में नई दिल्ली में G-20 समूह के नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
बता दें कि यह मंच 1999 में बनाया गया था। G20 फाइनेंसियल और इकोनॉमिक इश्यूज पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का एक मुख्य फोरम है। इसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं। सदस्य देश हैं-अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं।




