31दिसंबर, 2020

केरल विधानसभा में गुरुवार को केंद्र की ओर से लाए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया। खास बात ये रही कि विधानसभा में राज्य के इकलौते भाजपा विधायक ओ. राजगोपाल ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया और सर्वसम्मति से ये पास हुआ। हालांकि प्रस्ताव पास होने के बाद अब रोजगोपाल ने अपना रुख बदल दिया है। भाजपा विधायक ने कहा है कि वो केंद्र के कृषि कानूनों का समर्थन करते हैं और विधानसभा में प्रस्ताव का विरोध ना कर उन्होंने बड़ी गलती की है।

बीजेपी विधायक राजगोपाल ने कहा है कि वो केरल विधानसभा में जो प्रस्ताव पास किया गया है, उसका सख्त विरोध करते हैं। मैं केंद्र सरकार विरोध नहीं कर रहा हूं। मैं लगातार कह रहा हूं कि ये बिल किसानों के भले के लिए लाए गए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि विधानसभा में भी मैंने अपने भाषण में कहा है कि प्रधानमंत्री आंदोलन कर रहे किसानों की बात सुनने को राजी हैं और लगातार बातचीत की दावत वो दे रहे हैं।

बीजेपी विधायक ने गुरुवार को कुछ घंटे के भीतर ही अपना रुख बदला है। इससे पहले केरल विधानसभा में ओ राजगोपाल ने केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया। सत्र के बाद राजगोपाल ने कहा कि प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया. मैंने कुछ बिंदुओं (प्रस्ताव में) के संबंध में अपनी राय रखी, इसको लेकर विचारों में अंतर था जिसे मैंने सदन में रेखांकित किया। केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए। यह लोकतांत्रिक भावना है। हालांकि अब उन्होंने केंद्र के कानूनों का समर्थन और केरल सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया है।

बता दें कि केरल विधानसभा के विशेष सत्र में गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में प्रस्ताव रखा। इसको सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ), विपक्षी कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) और भाजपा के इकलौते विधायक के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित किया गया।