27जनवरी 2021

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर पिछले दो महीने से डेरा डाले किसानों ने गणतंत्र दिवस पर शांतिपूर्ण ट्रैक्टर परेड का वादा किया था, लेकिन सारे वादे गलत और झूठे साबित हुए। गणतंत्र दिवस के दिन जिस तरह से दिल्ली में प्रदर्शनकारियों ने बर्ताव किया वो बेहद ही शर्मनाक है। परेड के नाम पर हुए हिंसक प्रदर्शन पर कर्नाटक के मंत्री बीसी पाटिल भड़कते हुए कहा कि जो लोग दिल्ली में पुलिस पर लाठी बरसा रहे थे, गाड़ियों को तोड़-फोड़ रहे थे वो किसान नहीं हैं बल्कि आतंकवादी है।

दिल्ली में जो कुछ भी हुआ है वो आतंकवादियों द्वारा किया गया एक कृत्य था। इसके पीछे आतंकवादी, खालिस्तानी और कांग्रेस कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी से नफरत करने वाले लोगों ने सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे और निराश हैं। तभी वो इस तरह के कामों को अंजाम दे रहे है। जिस पर कांग्रेस भड़क गई और उसके कार्यकर्ताओं ने बीसी पाटिल के खिलाफ बेंगलुरु के हाई ग्राउंड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

पटिल ने किसानों का अपमान किया: कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि पटिल ने किसानों के प्रदर्शन का उपहास किया है। उन्होंने देश के अन्नदाताओं को खालिस्तानी और आतंकवादी कहकर उनका अपमान किया गया है साथ ही उनकी देशभक्ति पर भी सवाल उठाया है, इसलिए उनके खिलाफ एक्शन जरूर लेना चाहिए।

किसान परेड के दौरान हुई हिंसा में 86 पुलिसकर्मी घायल

गौरतलब है कि किसान परेड के दौरान हुई हिंसा में 86 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सभी घायल पुलिसकर्मियों को दिल्ली के दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई पुलिसकर्मियों को ज्यादा चोटे हैं, उनकी हालत गंभीर है। वहीं, ट्रैक्टर परेड के दौरान हादसे में एक किसान की मौत हो गई, मृतक का नाम नवनीत सिंह है. 30 वर्षीय नवनीत उत्तराखंड के रहने वाले थे और दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हुई हिंसा के मामले में पुलिस की ओर से कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई है।