भंडारा, 11 जनवरी 2021

महाराष्ट्र के भंडारा स्थित जिला अस्पताल में बीते शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ था, यहां आग लग जाने की वजह से 10 शिशुओं की मौत हो गई थी। आग की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है लेकिन गुस्साए लोगों का कहना है कि ये गंभीर हादसा अस्पताल की लपारवाही की वजह से हुआ है इसलिए अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लोग इस मांग को लेकर सड़क पर भी उतरे हैं तो वहीं बीजेपी ने भी इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है और इसी वजह से उसने आज भंडारा बंद का आह्वान किया है। बीजेपी सांसद सुनील मुड़े ने इसकी जानकारी मीडिया को दी।

मालूम हो कि रविवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अस्पताल का दौरा भी किया था और वहां के अधिकारियों से बात भी की थी। घटनास्थल पर मीडिया से बात करते हुए सीएम उद्धव ने कहा कि पिछले साल जो कोरोना महामारी पूरे देश में फैली, उससे हमारे स्वास्थ्य सिस्टम पर बहुत ज्यादा लोड था। इस मामले को राज्य सरकार गंभीरता से ले रही है, जिस वजह से घटना के तुरंत बाद जांच के आदेश दे दिए गए। संभागीय आयुक्त के नेतृत्व वाली जांच समिति ही लापरवाह लोगों की पहचान करेगी। इसके अलावा सीएम ने राज्य के सभी अस्पतालों में फायर ऑडिट का आदेश दे दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार देर रात करीब 2 बजे के आसपास यह हादसा हुआ था, अस्पताल के आउट बोर्न यूनिट में अचानक से धुआं निकल रहा था। जब अस्पताल की नर्स ने दरवाजा खोला तो देखा आउट बॉर्न यूनिट में सब जगह धुआं ही धुआं था।’ अधिकारी के अनुसार, नर्स ने तुरंत अस्पताल के अधिकारियों को बुलाया। आपातकाल विभाग और दमकल विभाग मौके पर पहुंचकर बच्चों को बचाने की कोशिश की लेकिन इस हादसे में 10 शिशुओं की मौत हो गई, जबकि 7 शिशुओं को बचा लिया गया।

5-5 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक घटना के वक्त वहां पर ना तो कोई वार्ड बॉय था और ना ही कोई वयस्क शख्स। इस वजह से हादसे में 10 बच्चों की जान चली गई। जिला प्रशासन के मुताबिक 3 बच्चों ने आग में झुलसकर दम तोड़ा, तो वहीं 7 की मौत दम घुटने से हुई। इन बच्चों की उम्र एक दिन से लेकर 3 महीने तक बताई जा रही है। महाराष्ट्र सरकार ने मृतक बच्चों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है।